Nadi Shastram Guide to Spiritual & Astrological Insight
नाड़ी ज्योतिष एक प्राचीन तमिल ज्योतिष पद्धति है। यह ज्योतिष हजारों वर्ष पहले महान ऋषियों द्वारा लिखी गई ताड़पत्र (पाम लीफ) पांडुलिपियों के आधार पर की जाती है।
माना जाता है कि इन ताड़पत्रों को महर्षि अगस्त्य और महर्षि भृगु जैसे ऋषियों ने लिखा था।
विश्व प्रसिद्ध नाड़ी केंद्र तमिलनाडु में स्थित वैद्येश्वरन कोइल में है। यह मयिलादुथुरै जिले में स्थित है।
पुरुषों के लिए दाहिना अंगूठा
महिलाओं के लिए बायां अंगूठा
अंगूठे की रेखाओं के अनुसार संबंधित ताड़पत्रों का संग्रह चुना जाता है।
प्रश्न–उत्तर विधि से सही ताड़पत्र खोजा जाता है।
नाम
माता-पिता का नाम
जन्म विवरण
पूर्व घटनाएं
सही ताड़पत्र मिलने के बाद 14 कांड (अध्याय) पढ़े जाते हैं।
1️⃣ सामान्य कांड: जीवन का सार
2️⃣ शिक्षा एवं करियर कांड: शिक्षा, नौकरी
3️⃣ भाई-बहन कांड: भाई-बहन
4️⃣ माता एवं संपत्ति कांड: घर, जमीन
5️⃣ संतान कांड: बच्चे
6️⃣ शत्रु एवं रोग कांड: बीमारी, कर्ज
7️⃣ विवाह कांड: विवाह
8️⃣ आयु कांड: आयु फल
9️⃣ पिता एवं भाग्य कांड: भाग्य
🔟 व्यवसाय एवं लाभ कांड: आय
1️⃣1️⃣ द्वितीय विवाह कांड: पुनर्विवाह
1️⃣2️⃣ विदेश कांड: विदेश यात्रा
1️⃣3️⃣ उपाय कांड: हवन, पूजा
1️⃣4️⃣ दशा-भुक्ति कांड: ग्रह दशा
वैद्येश्वरन कोइल भगवान शिव के चिकित्सक स्वरूप के रूप में प्रसिद्ध है।
यहां मंगल दोष निवारण और कर्म शांति के उपाय किए जाते हैं।
यह विश्वभर में नाड़ी ज्योतिष का प्रमुख केंद्र माना जाता है।